अयोध्याउत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा मोड़, चार्जशीट दाखिल होते ही कोर्ट में हंगामा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया और कोर्ट परिसर में गहमागहमी बढ़ गई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच अब अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। पुलिस ने बुधवार को जेल में बंद आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार की है। चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी सामने आते ही अदालत परिसर में हलचल बढ़ गई। अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उनकी ओर से उठाई गई आपत्तियों पर सुनवाई होनी चाहिए थी। इसी मुद्दे को लेकर कोर्ट परिसर में गहमागहमी बनी रही।

105 चोरी की घटनाएं

इस मामले में टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र समेत आठ आरोपी जेल में हैं। पुलिस की कार्रवाई में इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले ने उस समय नया मोड़ लिया था, जब मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान CCTV फुटेज समेत कई साक्ष्यों की पड़ताल की गई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर में कथित चोरी की 105 घटनाएं CCTV में दर्ज होने की बात सामने आई है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों पर शिकायत

दूसरी तरफ, कुछ अधिवक्ताओं ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस को शिकायत दी थी। हालांकि, इन लोगों के खिलाफ आरोपों की स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं, इसलिए अंतिम निष्कर्ष अदालत और जांच की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

चार्जशीट में क्या खुलासा?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस की चार्जशीट में ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और चढ़ावे की गणना से जुड़ी व्यवस्था को लेकर क्या तथ्य दर्ज किए गए हैं। चार्जशीट के सामने आने के बाद इस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

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